बीएसएल सिन्टर प्लांट में तकनीकी नवाचार : ब्लोअर्स की ऑनलाइन वाइब्रेशन मॉनिटरिंग से बढ़ी सुरक्षा और संयंत्र की विश्वसनीयता. . . .

  • अब ब्लोअर्स की स्थिति की चौबीसों घंटे निगरानी संभव हो गई है, निगरानी के लिय डेटा की पहुंच व्यापक हुई
  • बोकारो इस्पात संयंत्र के सिन्टर प्लांट में सिन्टर मशीन-1 के ब्लोअर्स की कार्यप्रणाली को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से एक नई ऑनलाइन वाइब्रेशन मॉनिटरिंग प्रणाली स्थापित की गई है.

पूर्व में, ब्लोअर्स के कंपन (वाइब्रेशन) की रीडिंग मैन्युअल रूप से लेनी पड़ती थी, जो काफी चुनौतीपूर्ण थी. अत्यधिक कंपन के कारण मोटरों और पंखों के क्षतिग्रस्त होने की संभावना भी बनी रहती थी.

इन तकनीकी और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का समाधान करने के लिय सिन्टर प्लांट की विद्युत व यांत्रिकी टीमों ने इंस्ट्रूमेंटेशन विभाग के तकनीकी सहयोग से एक प्रभावी समाधान विकसित किया है. यह पहल संयंत्र के महत्वपूर्ण उपकरणों की दीर्घकालिक विश्वसनीयता और परिचालन सुगमता को बढ़ाने की दिशा में अत्यंत प्रभावी है.

सभी बैंड-1 ब्लोअर्स पर अत्याधुनिक वाइब्रेशन सेंसर स्थापित हुए. इन सेंसरों से प्राप्त होने वाले डेटा को कोल्ड स्क्रीन-1 के लुब्रिकेशन रूम में स्थापित चार्टलेस रिकॉर्डर्स पर प्रदर्शित किया जा रहा है, जिससे अब ब्लोअर्स की स्थिति की चौबीसों घंटे निगरानी संभव हो गई है.

डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए आईएण्डए विभाग के सहयोग से इन रीडिंग्स को संयंत्र के इंट्रानेट नेटवर्क पर उपलब्ध कराया गया है. इस व्यवस्था के माध्यम से अब संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मी वास्तविक समय में किसी भी कंप्यूटर से ब्लोअर्स के कंपन की स्थिति की जांच कर सकते हैं. अब निगरानी के लिय डेटा की पहुंच व्यापक हुई है.

निरंतर डिजिटल निगरानी की यह व्यवस्था न केवल उपकरणों की आकस्मिक विफलताओं को रोकने में सहायक है, बल्कि कर्मियों के लिए एक सुरक्षित और तकनीक -आधारित कार्य परिवेश सुनिश्चित करने के प्रति बोकारो इस्पात संयंत्र की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है.

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