बीएकेएस. चरणबद्ध आंदोलन के द्वितीय चरण का दूसरा दिन : एसएमएस 02 सीसीएस सीजीएम कार्यालय पर विरोध-प्रदर्शन . . . .

  • बीएसएल कर्मचारियों के 45 से अधिक मुद्दे सेल कॉर्पोरेट स्तर पर तो 60 से अधिक मुद्दे बोकारो इस्पात संयंत्र स्तर पर लंबित
  • बीएसएल कर्मचारियों को एक साथ सड़क पर संघर्ष करना ही अंतिम विकल्प, बगैर आर या पार के कुछ हासिल नही हो सकता

बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ-बीएकेएस ने अपने द्वितीय चरण के द्वितीय दिवस के आंदोलन के तहत एसएमएस 02 सीसीएस सीजीएम कार्यालय के समक्ष विरोध-प्रदर्शन किया. कार्यक्रम का संचालन विभागीय प्रतिनिधि अनिरुद्ध शर्मा ने किया. प्रदर्शन में संयंत्र के नियमित कर्मचारियों ने भाग लिया.

बीएसएल कर्मचारियों के 45 से अधिक मुद्दे सेल कॉर्पोरेट स्तर पर लंबित है तो वही 60 से अधिक मुद्दे बोकारो इस्पात संयंत्र स्तर पर लंबित है. बीएकेएस सहित कई यूनियनो ने वेज रीविजन 2017, एरियर, बोनस फॉर्मुला, एनजेसीएस में सुधार, ग्रेज्यूटी पर अलग-अलग न्यायालयों में मुकदमा दायर किया है.

त्रिवेणी सिंह ने कर्मचारियों के मुद्दे पर आगे होने वाले आमरण अनशन व मौन जुलस पर समर्थन मांगा. कहा : अब बगैर आर या पार के कुछ हासिल नही हो सकता है. इस्पात मंत्रालय से लेकर सरकार के मौन व्रत ने मैनेजमेंट द्वारा कर्मचारियों के सैकड़ो मांगो को लंबित रखवाने में सहयोग किया है. बीएसएल कर्मचारियों को एक साथ सड़क पर संघर्ष करना ही अंतिम विकल्प है.

यूनियन महासचिव हरिओम, अध्यक्ष दिलीप कुमार, उपमहासचिव माणिक मुंडा, कोषाध्यक्ष राहुल साव, कार्यकारिणी के अन्य सदस्यों ने भी संबोधित किया. अनिरुद्ध शर्मा व त्रिवेणी सिंह ने संयुक्त रूप से कहा : अवैध फार्मूला को रद्द कर उत्पादन आधारित फॉर्मूला (PRP) बनाने की हमारी मांगे नहीं सुनी गई तो, द्वितीय चरण के बाद सभी बड़े विभागों में विरोध-प्रदर्शन के बाद तृतीय चरण में काला झंडा के साथ मौन जुलूस और अंत में यूनियन की ओर से आमरण अनशन किया जाएगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

en_USEN