
चंद्रपुरा की महिला का दावा—डीएसपी ऑफिस में काम करने की बात कहकर दिया था नौकरी का भरोसा, 2023 में रकम देने के बाद भी नहीं मिली नौकरी
धनबाद : सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 6.5 लाख रुपये लेने का आरोप सामने आया है। चंद्रपुरा निवासी पूजा सिंघल ने पंकज कुमार गुप्ता नामक व्यक्ति पर नौकरी दिलाने के नाम पर रकम लेने का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई और पैसे वापस दिलाने की मांग की है। हालांकि, महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और आरोपी पक्ष ने भुगतान एवं रकम वापसी को लेकर अलग पक्ष रखा है।

डीएसपी ऑफिस में काम करने का दावा कर दिया नौकरी का भरोसा
पूजा सिंघल के मुताबिक, आरोपी ने खुद को रांची डीएसपी ऑफिस में कार्यरत बताते हुए उन्हें एक सरकारी नौकरी की वैकेंसी के बारे में जानकारी दी थी। महिला का कहना है कि शुरुआत में उन्होंने सरकारी नौकरी की जरूरत नहीं होने की बात कही थी। इसके बावजूद आरोपी के लगातार आग्रह करने पर उसके लैपटॉप से नौकरी का फॉर्म भरवाया गया।
महिला के अनुसार, नौकरी दिलाने के एवज में कुल 10 लाख रुपये की मांग की गई थी। इसमें से उन्होंने 6.5 लाख रुपये का भुगतान किया। उनका दावा है कि 4.5 लाख रुपये नकद और 2 लाख रुपये ऑनलाइन दिए गए थे।
2023 में दिए पैसे, अब तक नहीं हुई वापसी

महिला का आरोप है कि वर्ष 2023 में रकम देने के बावजूद न तो उन्हें नौकरी मिली और न ही उनकी पूरी रकम वापस की गई। मामले को लेकर उन्होंने सितंबर 2024 में बैंक मोड़ थाना में शिकायत/केस दर्ज कराने की बात कही है।
पूजा सिंघल के मुताबिक, मामला मीडिया में आने के बाद कुछ अन्य लोग भी सामने आए। उन्होंने भी आरोपी पर अलग-अलग विभागों में नौकरी दिलाने अथवा अन्य काम कराने के नाम पर पैसे लेने के आरोप लगाए।
कई लोगों से रकम लेने का लगाया आरोप
महिला का दावा है कि अब तक करीब 10 से 12 लोग ऐसे सामने आए हैं, जिन्होंने आरोपी पर अलग-अलग तरह के काम कराने या नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने के आरोप लगाए हैं। इनमें कुछ लोगों को प्रोटोकॉल ऑफिसर के नाम पर ड्राइवर की नौकरी दिलाने का भरोसा दिए जाने की बात भी सामने आई है।
पूजा सिंघल का यह भी आरोप है कि आरोपी कथित तौर पर प्रभावशाली लोगों और अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को भरोसे में लेता था।
पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति

महिला ने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई करने और अपनी रकम वापस दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि पैसे देने के बाद से उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, आरोपी पक्ष का कहना है कि महिला द्वारा बताए गए भुगतान और रकम की वापसी को लेकर उनका पक्ष अलग है। ऐसे में आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।