एलेक्स मुंडा के सिर पर सरकार ने रखा हाथ सीएम के आदेश पर रांची उपायुक्त का एक्शन . . . .

रांची के रिंग रोड स्थित सुकुरहुटू इलाके में पेट्रोल पंप की रोशनी में पढ़ाई करने वाले आठ वर्षीय एलेक्स मुंडा की संघर्षभरी कहानी अब उम्मीद और सम्मान की मिसाल बन गई है। मां–बेटे की इस जज्बे भरी कहानी पर झारखंड सरकार और जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए बड़ी पहल की है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो का मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संज्ञान लिया, जिसके बाद उनके निर्देश पर उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने एलेक्स मुंडा और उनकी मां नूतन टोप्पो से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान प्रशासन ने परिवार को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर रांची जिला प्रशासन ने एलेक्स मुंडा के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कई अहम फैसले लिए।एलेक्स की पढ़ाई के लिए सरकार की ओर से हर महीने 4,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

एलेक्स जिस स्कूल में फिलहाल पढ़ रहा है, वहां अब उससे कोई फीस नहीं ली जाएगी। साथ ही एक साल बाद उसे आवासीय विद्यालय में पूरी तरह मुफ्त शिक्षा प्रदान की जाएगी। एलेक्स की मां नूतन टोप्पो को सरकार की ओर से अम्बेडकर आवास उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि परिवार को सुरक्षित छत मिल सके।

गौरतलब है कि करीब सात साल पहले नूतन टोप्पो के पति का निधन हो गया था। इसके बाद उन्होंने अकेले ही परिवार की जिम्मेदारी संभाली। दिन भर पेट्रोल पंप पर मजदूरी और रात को उसी पंप की रोशनी में बेटे को पढ़ाना—नूतन टोप्पो का यह संघर्ष पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन गया।

ट्वीट के जरिए यह मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची डीसी को आवश्यक निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और रांची जिला प्रशासन की यह पहल न सिर्फ एक बच्चे के भविष्य को संवारने की दिशा में मजबूत कदम है, बल्कि यह भी साबित करती है कि संवेदनशील शासन व्यवस्था आम लोगों के संघर्ष को पहचानती है और समय पर साथ खड़ी होती है।

एलेक्स मुंडा की कहानी अब केवल संघर्ष की नहीं, बल्कि सरकार, प्रशासन और समाज की साझा संवेदनशीलता से उपजी उम्मीद की कहानी बन चुकी है।

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