कांग्रेस ने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को थमाया कारण बताओ नोटिस, 3 दिन में जवाब मांगा . . . .

रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति ने पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता योगेंद्र साव को पार्टी अनुशासन के उल्लंघन के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। समिति ने उनसे तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने के साथ स्वयं उपस्थित होकर यह बताने को कहा है कि पार्टी संविधान के तहत उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। अनुशासन समिति के अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव की ओर से जारी नोटिस की जानकारी प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने दी। नोटिस में कहा गया है कि हाल में मीडिया के माध्यम से योगेंद्र साव की ओर से दिए गए कुछ बयानों को पार्टी नेतृत्व ने गंभीरता से लिया है। कांग्रेस अनुशासन समिति के अनुसार, उनका आचरण पार्टी के सिद्धांतों के विपरीत होने के साथ-साथ पार्टी नेतृत्व के निर्देशों की अवहेलना भी माना गया है। नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि योगेंद्र साव को इससे पहले पार्टी अनुशासन के उल्लंघन के कारण कांग्रेस से निष्कासित किया गया था। हालांकि, बाद में पार्टी नेतृत्व ने उनके लंबे संगठनात्मक योगदान को ध्यान में रखते हुए निष्कासन का निर्णय निरस्त कर दिया था।अनुशासन समिति ने कहा है कि बार-बार इस तरह का आचरण पार्टी अनुशासन के खिलाफ गतिविधियों की पुनरावृत्ति का संकेत देता है और इससे संगठन की छवि प्रभावित होती है। अब साव को तीन दिनों के भीतर अपना पक्ष रखना होगा और यह स्पष्ट करना होगा कि उनके खिलाफ पार्टी संविधान के प्रावधानों के तहत कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए। कांग्रेस ने अपने रुख में कहा है कि पार्टी में विचार रखने की स्वतंत्रता के साथ संगठनात्मक अनुशासन भी महत्वपूर्ण है। पार्टी मंच के बाहर दिए गए ऐसे सार्वजनिक बयान, जिन्हें पार्टी की घोषित नीति, सिद्धांत या नेतृत्व के निर्देशों के विपरीत माना जाए, उनके संबंध में संगठनात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।

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