
झारखंड मुक्ति मोर्चा, बोकारो महानगर संगठन सचिव अर्जुन महतो के अध्यक्षता में बोकारो परिसदन में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक को संबोधित करते हुए झामुमो नेता मंटु यादव ने कहा कि बोकारो इस्पात प्रबंधन की मनमानी अब असहनीय हो चुकी है। पहले गलत तरीके से डीड ऑफ कन्वेंशन लिया गया, उसके बाद आवासों को लीज पर देने की प्रक्रिया शुरू की गई। शहीद प्रेम महतो का स्मारक बनाने के लिए 20 डिसमिल जमीन प्रबंधन ने नहीं दिया और विस्थापितों को नियोजन देने का समझौता सेल प्रबंधन ने आज तक उसे लागू नहीं कर सका।

एक ओर बोकारो स्टील 1300 विस्थापितों लोगों को चरणबद्ध ढंग से नौकरी देने का आश्वासन दिया था लेकिन आज तक इस्पात प्रबंधन ने पूरा नहीं कर पाया, वहीं दूसरी ओर 6000 ठेका मजदूरों की छंटनी करने की तैयारी की जा रही है। यह किस तरह का सबका साथ, सबका विकास है—जहाँ एक झटके में छह हजार परिवारों को उजाड़ने की साजिश रची जा रही है। मंटू यादव ने कहा कि अनुपयुक्त भवनों को लीज पर देने की प्रक्रिया में भी भारी गड़बड़ी है। यदि इसे तुरंत नहीं रोका गया तो झामुमो कड़ा विरोध करेगा। हमारी स्पष्ट मांग है कि स्कूल भवन केवल शिक्षण संस्थानों को ही दिया जाए और अस्पताल भवन केवल स्वास्थ्य सेवाओं को दिया जाए। साथ ही सभी श्रेणी के भवनों में विस्थापितों और आदिवासियों को 50 प्रतिशत कम शुल्क पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था अनिवार्य किया जाए। झारखंड मुक्ति मोर्चा बोकारो महानगर अध्यक्ष मंटू यादव ने कहा कि बोकारो स्टील की नीतियाँ झारखंड व विस्थापित विरोधी हैं। अब तक टाउन हाल को बिजली नहीं देना, जल संसाधन विभाग का एक हजार करोड़ रुपये बकाया भुगतान रोक कर रखना और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की जमीन अब तक न सौंपना—यह सब जिला प्रशासन और झारखंड सरकार के प्रति दुर्भावनापूर्ण रवैया है।

झामुमो स्पष्ट करता है कि यदि प्रबंधन अपनी नीतियाँ नहीं बदलता, तो चरणबद्ध आंदोलन कर बोकारो स्टील की मनमानी को जनता के सामने बेनकाब किया जाएगा। बैठक में मुख्य रूप से मदन महतो, मिथुन मंडल, प्रमोद तापड़िया, भागीरथ शर्मा, अशोक हेंब्रम, सदानंद गोप, उदय कुंभकार, राकेश सिंहा, लालमोहन हेंब्रम, दिगम्बर महतो, सोहन मुर्मू, अकलू मांझी, मस्तान अंसारी, धनेश तूरी, सलीम अंसारी, रणधीर रजक, ज्योति प्रकाश, पुनीत विश्वकर्मा, महिला नेत्री कुसुम भारती, विनोद महतो, पिंटू राज, नीरज कुमार, दीपक कुमार, राजेश महतो, सलीम अंसारी, संतोष हेंब्रम, शिवचंद मुर्मू, शंभू नाथ मांझी, बलबीर मुर्मू, सुखदेव मांझी, रवि शंकर, नवाज अहमद, जुबैर आलम, रियाजउद्दीन शाह, फैजान अंसारी, दानिश अंसारी, तारा शाह, चूनचून राय, बसु महतो उपस्थित रहे।