
बोकारो में शनिवार को शिबू सोरेन स्मृति भवन में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) न्यास परिषद की बैठक तीखे आरोप-प्रत्यारोप और भारी हंगामे के बीच सम्पन्न हुई। बैठक में सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने पिछले कुछ महीनों से चर्चित DMFT मामले में गिरिडीह के सांसद ने पूर्व उपायुक्त विजया जाधव राव पर सीधे तौर पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि DMFT की सभी योजनाओं का फॉरेंसिक ऑडिट जरूरी है, क्योंकि “पूरी लूट हुई है” और कई कामों में भारी वित्तीय अनियमितता दिखाई देती है।

सांसद ने दावा किया कि जेम पोर्टल के नियमों को दरकिनार कर बाजार दर से अधिक कीमतों पर खरीदारी की गई। “दो करोड़ की इमारत तीन करोड़ के पेंटिंग में बदल गई,” उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कई गैर-ज़रूरी योजनाओं को स्वीकृति दी गई जबकि जनहित के कार्यों की अनदेखी की गई। उन्होंने यह भी कहा कि टेंडर प्रक्रिया गलत तरीके से अपनाई गई और कई जगह DMFT फंड का भुगतान नियमों के विरुद्ध किया गया।

सांसद ने सीसीएल क्षेत्र में बिना NOC के सड़क निर्माण और DMFT फंड से किए गए भुगतान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि जब तक पूरी जांच पूरी न हो, तब तक सभी मौजूदा योजनाओं को तत्काल प्रभाव से रोका जाए। “अगर अब भी भुगतान किया गया तो वर्तमान अधिकारी भी दोषी माने जाएंगे,” उन्होंने चेतावनी दी।

बैठक के दौरान सांसद सहित जिले के अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी नाराज़गी जताई, जिसके कारण माहौल कई बार गरमाया। सांसद ने आरोप लगाया कि पिछली योजनाओं की ऑडिट रिपोर्ट और चयन सूची आज तक उपलब्ध नहीं कराई गई, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

मीडिया के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, “पूर्व DC विजय जाधव को ही मैं पूरा मास्टरमाइंड मानता हूं। मामला हाई कोर्ट गया है और जरूरत पड़ी तो हम भी हाई कोर्ट जाएंगे।”

पूरी बैठक भारी हंगामे और आरोपों के बीच समाप्त हुई, जिसमें DMFT संचालन की पारदर्शिता को लेकर गंभीर प्रश्न उठे।