
यह अंतिम उपलब्धि नहीं, एक नई शुरुआत हैः मा. विधायक
बालू में दौड़ लगा करें अभ्यास – सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराएगा प्रशासन
गेम्स पर करें फोकस – जिला – राज्य व देश के लिए खेलें, नाम रौशन करें
छत्तीसगढ़ में आयोजित खेलो इंडिया राष्ट्रीय जनजातीय खेल एवं चंडीगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय रिले चैंपियनशिप के सेंटर आफ एक्सिलेंस (एथलेटिक्स) चंदनकियारी के 11 खिलाड़ियों को मा. विधायक चंदनकियारी उमाकांत रजक एवं उपायुक्त अजय नाथ झा ने गोपनीय स्थित कार्यालय कक्ष में किया सम्मानित

छत्तीसगढ़ में आयोजित खेलो इंडिया राष्ट्रीय जनजातीय खेल एवं चंडीगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय रिले चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चंदनकियारी के खिलाड़ियों ने न केवल जिले बल्कि पूरे राज्य का नाम गौरवान्वित किया है। इन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को रविवार को गोपनीय स्थित कार्यालय कक्ष में माननीय विधायक चंदनकियारी श्री उमाकांत रजक एवं उपायुक्त (डीसी) श्री अजय नाथ झा द्वारा पौधा –अंग वस्त्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। मौके पर सभी खिलाड़ियों के साथ जिला खेल पदाधिकारी श्रीमती हेमलता बून, कोच श्री आशु भाटिया व खेल मित्रों को भी सम्मानित किया गया।
यह अंतिम उपलब्धि नहीं, एक नई शुरुआतः विधायक

मौके पर माननीय विधायक श्री उमाकांत रजक ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह सफलता उनकी यात्रा का अंतिम उपलब्धि नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। उन्होंने कहा कि आपकी उपलब्धियां यह साबित करती हैं कि सीमित संसाधनों के बावजूद मजबूत इच्छाशक्ति से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। अब लक्ष्य और ऊंचा रखें और देश के लिए खेलें। उन्होंने खिलाड़ियों को अनुशासन, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास बनाए रखने की सलाह दी।
मा. विधायक ने खिलाड़ियों को व्यावहारिक सुझाव देते हुए कहा कि वे बालू (रेत) में दौड़ लगाकर अभ्यास करें, जिससे उनकी ताकत, संतुलन और सहनशक्ति में वृद्धि होगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, उपकरण और अन्य आवश्यक संसाधनों की हर संभव सुविधा प्रदान करेगा।
आंधी की तरह बढ़ें आगेः उपायुक्त

मौके पर उपायुक्त श्री अजय नाथ झा ने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने सपनों को सीमित नहीं रखें, बल्कि आंधी की तरह आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि आप सभी जिले की पहचान हैं। अब आपका लक्ष्य राष्ट्रीय – अंतरराष्ट्रीय स्तर होना चाहिए। बड़े खिलाड़ियों के खेल को देखें, उनसे सीखें और खुद को उस स्तर तक तैयार करें।
असफलता अंत नहीं, सीखने का अवसर
उपायुक्त ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल में हार – जीत दोनों महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि असफलता से कभी टूटना नहीं चाहिए, भागीदारी ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि यही अनुभव आगे चलकर सफलता का आधार बनता है।
कहा कि वे अपने प्रदर्शन को केवल व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं रखें, बल्कि जिला – राज्य और देश का नाम रोशन करने के लक्ष्य के साथ खेलें।
प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन

इन राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कीं। जिसमें शिव कुमार सोरेन – 100 मीटर, 200 मीटर एवं 4×100 मीटर मिश्रित रिले में स्वर्ण पदक, नेहा खालखो – 10,000 मीटर वॉक में स्वर्ण पदक, आशा किरण बरला – 4×400 मीटर रिले में स्वर्ण पदक, अरश्नान अली – 4×100 मीटर मिश्रित रिले में स्वर्ण एवं 4×100 मीटर में कांस्य पदक, दीपक टोप्पो – 4×100 मीटर रिले में रजत पदक, अनामिका उरांव – 200 मीटर में रजत पदक, जैकलिन खेस – 4×400 मीटर रिले में कांस्य पदक शामिल है।
उधर, जगदीश उरांव – 10,000 मीटर वॉक (5वां स्थान), *आरती मेहता एवं सपना कुमारी – 4×100 मीटर रिले (4था स्थान) एवं हीरा सांगा – 5000 मीटर (4था स्थान)। इन खिलाड़ियों ने भले ही पदक न जीता हो, लेकिन अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से उन्होंने अपनी प्रतिभा और क्षमता का मजबूत परिचय दिया।
संघर्ष, समर्पण और सफलता की कहानी

इन सभी खिलाड़ियों की सफलता उनके वर्षों के कठिन परिश्रम, अनुशासन और संघर्ष का परिणाम है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने यह साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी बाधा सफलता के मार्ग में रुकावट नहीं बन सकती।
जिला प्रशासन ने खिलाड़ियों के समग्र विकास के लिए हर संभव सहयोग देने का संकल्प दोहराया। प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
मौके पर एनडीसी श्री प्रभाष दत्ता, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह समेत अन्य उपस्थित थे।
