नगरपालिका चुनाव में संपत्ति विरूपण पर सख्ती, आयोग ने दिए निर्देश . . . .

मीडिया कोषांग, नगर पालिका आम निर्वाचन 2026

दिनांक – 28.01.2026

प्रेस विज्ञप्ति संख्या – 128

नगरपालिका (आम) निर्वाचन, 2026 के दौरान सार्वजनिक एवं निजी संपत्तियों के विरूपण को रोकने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग, झारखण्ड ने सख्त निर्देश जारी किया हैं। जिसके बाद जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका)-सह-उपायुक्त श्री अजय नाथ झा ने चास – बेरमो अनुमंडल पदाधिकारी एवं आदर्श आचार संहिता कोषांग को कानून के प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने को निर्देशित किया है।

चुनाव के दौरान मिलती रहती हैं शिकायतें

आयोग ने कहा है कि चुनाव प्रचार के समय अभ्यर्थियों एवं उनके समर्थकों द्वारा सरकारी एवं निजी भवनों की दीवारों पर पोस्टर चिपकाने, नारे लिखने, बैनर टांगने और चुनाव चिन्ह पेंट करने की लगातार शिकायतें मिलती रही हैं। इससे न केवल भवनों को नुकसान होता है बल्कि क्षेत्र की सुंदरता भी प्रभावित होती है।

संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध

आयोग ने स्पष्ट किया है कि संपत्ति विरूपण अधिनियम, 1987 की धारा-3 के अंतर्गत सार्वजनिक दृश्य में किसी भी प्रकार से संपत्ति को विरूपित करना दंडनीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर छह माह तक की सजा, एक हजार रुपये तक जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है।

अभ्यर्थियों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश

सभी अभ्यर्थियों को स्पष्ट रूप से सूचित किया जाता है कि बिना भवन मालिक की लिखित अनुमति के किसी भी सरकारी या निजी भवन, दीवार, चहारदीवारी या खंभों पर पोस्टर, बैनर, झंडा नहीं लगाए जाएंगे और न ही नारे लिखे जाएंगे।

दलगत प्रचार पर पूर्ण प्रतिबंध

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि चूंकि नगरपालिका निर्वाचन दलगत आधार पर नहीं हो रहा है, इसलिए किसी भी राजनीतिक दल के नाम, चिन्ह या बैनर-पोस्टर के माध्यम से प्रचार पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

पोस्टर और पर्ची वितरण के नियम

अभ्यर्थी मतदाताओं के बीच पोस्टर या पर्ची वितरित कर सकते हैं, लेकिन मुद्रित सामग्री पर प्रेस का नाम एवं पता तथा हस्तलिखित सामग्री पर लेखक का नाम एवं पता अंकित होना अनिवार्य होगा।

सार्वजनिक संपत्ति की परिभाषा विस्तृत

सड़क संकेतक, मील के पत्थर, रेलवे लेवल क्रॉसिंग, प्लेटफॉर्म के नाम पट्ट, बस अड्डे एवं जन सुविधा हेतु लगाए गए सभी सूचना पट्टों को सार्वजनिक संपत्ति की श्रेणी में माना जाएगा।

विरूपण हटाने की जिम्मेदारी अभ्यर्थी की

यदि किसी अभ्यर्थी द्वारा संपत्ति विरूपण की घटना सामने आती है, तो संबंधित अभ्यर्थी को अपने खर्चे पर विरूपण हटाकर संपत्ति को मूल स्वरूप में बहाल करना होगा। किसी भी परिस्थिति में सरकारी खर्च से विरूपण नहीं हटाया जाएगा।

निगरानी और कानूनी कार्रवाई

संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। उल्लंघन की स्थिति में संपत्ति विरूपण अधिनियम, 1987 तथा भारतीय न्याय संहिता और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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