
माननीय मुख्यमंत्री के मार्ग दर्शन में बोकारो में ऐसा सांस्कृतिक केंद्र बनाने का लक्ष्य है, जहां विश्व भर की आदिवासी संस्कृति का विदर्शन होगा – जहां लोगों को आदिवासी संस्कृति के देखने – सीखने का अवसर मिलेगा
दिशोम गुरू आदरणीय शिबू सोरेन जी के दिखाएं मार्ग को जीवन में आत्मसात करें, रात्रि पाठशाला – पठन – पाठन एवं नशा मुक्ति को अपनाएं
हम सब मिलकर जीवन्त बोकारो बनाएंगे – आदिवासियत को जिंदा रखेंगे, आदिवासी समाज को दिया बाहा महोत्सव की बधाई – शुभकामनाएं

सेक्टर 04 स्थित जाहेर थान में दिशोर जाहेर सेवा ट्रस्ट द्वारा दिशोम बाहा महोत्सव 2026 का हुआ आयोजन, उपायुक्त श्री अजय नाथ झा हुए शामिल
बोकारो स्थित स्टील सिटी में सेक्टर-04 स्थित जाहेर थान में दिशोर जाहेर सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित दिशोम बाहा महोत्सव 2026 श्रद्धा, आस्था और सांस्कृतिक उल्लास के वातावरण में रविवार को संपन्न हुआ। कार्यक्रम में उपायुक्त (डीसी) श्री अजय नाथ झा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और आदिवासी समाज को बाहा महोत्सव की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
प्रकृति और संस्कृति का अनुपम संगम
उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि आदिवासी समाज प्रकृति का रक्षक और जीवन मूल्यों का संवाहक है। हम जीवन को बचाने वाले लोग हैं। आदिवासी होना हमारी पहचान ही नहीं, हमारा गर्व है। उन्होंने कहा कि बाहा महोत्सव प्रकृति के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का पर्व है, जो सामुदायिक एकता, परंपरा और सांस्कृतिक गौरव को सशक्त करता है।
विश्वस्तरीय आदिवासी सांस्कृतिक केंद्र की परिकल्पना

उपायुक्त ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में बोकारो में एक भव्य और विश्वस्तरीय आदिवासी सांस्कृतिक केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कहा कि यह ऐसा केंद्र बनेगा जहां विश्व भर की आदिवासी संस्कृति का विदर्शन होगा। देश-विदेश से लोग आकर आदिवासी संस्कृति, इतिहास, कला, परंपरा और जीवन शैली को करीब से देख और समझ सकेंगे। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम बनेगी तथा बोकारो को सांस्कृतिक पहचान के नए आयाम प्रदान करेगी।
दिशोम गुरु के आदर्शों को अपनाने का किया आह्वान

उपायुक्त ने दिशोम गुरु आदरणीय शिबू सोरेन के बताए मार्ग को जीवन में आत्मसात करने की युवा पीढ़ी से अपील की। उन्होंने कहा कि समाज की उन्नति शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक सुधार से ही संभव है। उन्होंने युवाओं से रात्रि पाठशाला (नियमित पठन-पाठन) और नशा मुक्ति अभियान को अपनाने का आह्वान किया, ताकि समाज मजबूत और सशक्त बन सके।
बेटी, बहन और मां समाज की सबसे बड़ी शक्तिः उपायुक्त
उपायुक्त श्री अजय नाथ झा ने उपस्थित महिलाओं, बेटियों और माताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे समाज की सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि बेटी, बहन और मां केवल परिवार की आधारशिला नहीं हैं, बल्कि वे समाज और राष्ट्र निर्माण की प्रेरक शक्ति हैं। हमें पढ़ना है और पढ़ाना है। शिक्षा ही वह माध्यम है, जो समाज को जागरूक, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाती है।
उन्होंने उपस्थित युवतियों से आग्रह किया कि वे शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाएं और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में निरंतर प्रयास करें। साथ ही अभिभावकों से भी अपील की कि वे बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता दें और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करें। अपने देश व अपनी मातृभूमि के लिए हमें अपना योगदान देना है। हमें अपने जीवन को राष्ट्र के प्रति समर्पित करने का संकल्प लेना चाहिए।

हम सब मिलकर बनाएंगे जीवंत बोकारो
उपायुक्त ने कहा कि आदिवासियत को जीवंत रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। हम सब मिलकर जीवंत बोकारो का निर्माण करेंगे और अपनी सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखेंगे। उन्होंने कहा कि बाहा महोत्सव केवल उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, भाईचारे और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है।
पारंपरिक अनुष्ठान एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना की गई। लोकनृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उत्साह और भक्ति से भर दिया। मौके पर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री रविंद्र नाथ हांसदा, सचिव श्री कृष्णा सोरेन एवं बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य व्यक्ति, ट्रस्ट के पदाधिकारी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।