राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य ने की विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा

समाहरणालय सभागार में हुई बैठक, अनुसूचित जनजातियों के लिए लागू संवैधानिक संरक्षोपायों तथा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित कल्याण एवं विकास योजनाओं की प्रगति का किया विस्तृत समीक्षा

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राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की माननीय सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने शनिवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित बैठक में अनुसूचित जनजातियों के लिए लागू संवैधानिक संरक्षोपायों तथा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित कल्याण एवं विकास योजनाओं की जिले में प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक का उद्देश्य आदिवासी समुदाय के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की स्थिति का आकलन करना तथा आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करना था।

बैठक में उपायुक्त (डीसी) श्री अजय नाथ झा, पुलिस अधीक्षक श्री हरविंदर सिंह, उप विकास आयुक्त (डीडीसी) श्रीमती शताब्दी मजूमदार, डीपीएलआर श्रीमती मेनका,अपर समाहर्ता मो. मुमताज अंसारी, वन पदाधिकारी श्री संदीप शिंदे, एसडीओ चास सुश्री प्रांजल ढांडा सहित राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के निदेशक श्री वाई. पी. यादव, सहायक निदेशक श्री राहुल यादव, विधि सलाहकार श्रीमती सोनल राज तथा विवेक कुमार सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।

विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा

माननीय सदस्य ने शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, समाज कल्याण, विद्युत, कौशल विकास एवं आजीविका, नगर निगम/नगर परिषद, प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई), झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस), कृषि, डीएमएफटी, पशुपालन, मत्स्य, आपूर्ति तथा वन विभाग सहित कई विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अनुसूचित जनजाति समुदाय के लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए।

बोकारो को टीएसपी जिला नहीं होने से कई योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता : उपायुक्त

बैठक के दौरान उपायुक्त ने कहा कि बोकारो टीएसपी जिला नहीं है, जिसके कारण यहां के आदिवासी समुदाय को कई महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने इस संबंध में माननीय सदस्य से अनुरोध किया कि इस विषय को ट्राइबल अफेयर्स मंत्रालय के समक्ष रखा जाए, ताकि जिले के आदिवासी समुदाय को योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके।

उपायुक्त ने यह भी बताया कि जिले में कई आदिवासी बहुल गांव हैं। इन गांवों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को देखते हुए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय सहित अन्य आवश्यक अधोसंरचना के निर्माण की दिशा में भी पहल किए जाने की आवश्यकता है। इस पर माननीय सदस्य ने सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।

उधर, उपायुक्त ने यह भी जानकारी दी कि जिले के हाथी प्रभावित क्षेत्रों में मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के उद्देश्य से सोलर लाइट की व्यवस्था करने तथा मधुमक्खी पालन (बीकीपिंग) जैसी योजनाओं को बढ़ावा देने की दिशा में पहल की जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ-साथ लोगों को आजीविका के अतिरिक्त अवसर भी प्राप्त होंगे।

दिव्यांगजनों के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश

बैठक के दौरान दिव्यांगजनों के कल्याण पर विशेष ध्यान देते हुए माननीय सदस्य ने निर्देश दिया कि पुनः जिले में विशेष अभियान चलाकर दिव्यांगजनों के यूडीआईडी कार्ड निर्गत किए जाएं, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं, पेंशन और अन्य सुविधाओं का लाभ सहजता से प्राप्त हो सके।

आश्रम विद्यालयों की मरम्मत और छात्रावासों में सुविधाओं में सुधार

कल्याण विभाग द्वारा संचालित आश्रम विद्यालय की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही विभिन्न कॉलेजों के छात्रावासों में मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था हेतु आरओ लगाने तथा वार्डन की नियुक्ति सुनिश्चित करने को कहा, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने पर जोर

गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए माननीय सदस्य ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि जिले में पेयजल व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त रखा जाए। जल मीनारों, पाइपलाइन तथा अन्य जलापूर्ति संरचनाओं की मरम्मत समय पर कराई जाए, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को पेयजल की समस्या का सामना नहीं करना पड़े।

स्वच्छता एवं पौधारोपण अभियान को बढ़ावा देने के निर्देश

चास नगर निगम को राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराने का निर्देश दिया गया, ताकि आम नागरिकों एवं यात्रियों को सुविधा मिल सके। साथ ही, कृषि विभाग को वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर खुले स्थानों पर व्यापक पौधारोपण अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम पांच पौधे उपलब्ध कराए जाएं तथा उनके संरक्षण के लिए भी लोगों को प्रेरित किया जाए। उन्होंने वन और कल्याण विभाग को कहा कि यदि कोई लंबित एफआरए का मामला है तो वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाएं, खासकर बैदकारो और आसपास के इलाकों में।

पंचायत स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित करने का निर्देश

जिला पंचायती राज पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि पंचायत स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पंचायत मुखिया द्वारा प्रत्येक तीन माह में पंचायत सचिवालय में बैठक आयोजित कराई जाए। इससे स्थानीय स्तर पर विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और समस्याओं के समाधान में मदद मिलेगी।

श्रमिकों को योजनाओं से जोड़ने पर विशेष जोर

श्रम विभाग को निर्देश दिया गया कि खेतों में श्रमिक के रूप में कार्य करने वाले मजदूरों को भी श्रमिक कल्याण योजनाओं से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें सामाजिक सुरक्षा और अन्य लाभ मिल सकें।

महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर बल

माननीय सदस्य ने स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को अधिक से अधिक क्रेडिट लिंकेज से जोड़ने का निर्देश दिया, ताकि महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलें और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर एवं हुनरमंद बन सकें।

युवाओं को साइबर अपराध और एआई के दुरुपयोग से जागरूक करने की पहल

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में अभियान चलाकर युवाओं को साइबर अपराध और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के संभावित दुरुपयोग के प्रति जागरूक किया जाए तथा सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के लिए प्रेरित किया जाए।

आदिवासी पारंपरिक पदधारकों का सम्मान सुनिश्चित करने के निर्देश

जिले के आदिवासी गांवों में मानकी मुंडा, मांझी बाबा, जोग मांझी, भगलोन और गुड़ैत जैसे पारंपरिक पदधारकों की पहचान कर उन्हें सम्मान राशि का भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही आदिवासी आस्था स्थलों जैसे जाहेर थान, सरना स्थल और कब्रिस्तान की घेराबंदी कराने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने को कहा गया।

विस्थापित गांवों को पंचायत में शामिल करने की पहल

बैठक के दौरान जिला के 19 विस्थापित गांवों को पंचायत में शामिल करने की दिशा में भी आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया, ताकि वहां के निवासियों को पंचायत स्तर की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिल सके।

बैठक के अंत में माननीय सदस्य ने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से अनुसूचित जनजाति समुदाय के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने समीक्षा बैठक के संचालन पर संतोष व्यक्त किया। धन्यवाद ज्ञापन उप विकास आयुक्त (डीडीसी) श्रीमती शताब्दी मजूमदार ने दिया।

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