
झारखंड सरकार के सरकारी अस्पतालों की हालत कैसी है, यह किसी से छिपी हुई नहीं है। तभी तो राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इसकी बेहतर व्यवस्था को लेकर रोज बड़े – बड़े दावे करते हैं लेकिन जब अपने इलाज की बारी आती है तो राज्य या राज्य के बाहर के निजी hospitals का रुख करते हैं। आज भी यही हुआ, मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो की तबियत खराब हुई और खुद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री उनको लेकर पहुंच गए राज्य के एक निजी अस्पताल पारस में।
आपको यह भी बता दे कि मंत्री योगेंद्र बोकारो के गोमिया विधानसभा से MLA हैं। वे किस बीमारी से पीड़ित हैं, इसकी जानकारी अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। बस खबर इतनी ही है कि उनकी तबियत खराब हुई और वे अस्पताल में एडमिट हुए हैं।
यह कोई पहला मामला नहीं है। राज्य की जनता रोज ऐसे मामलों से रूबरू होती है। स्वास्थ्य मंत्री हो या जिला के स्वास्थ्य विभाग के सर्वेसर्वा सिविल सर्जन, ये आम लोगों को व्यवस्था विहीन सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने के लिए मीडिया और अन्य माध्यमों से प्रतिदिन समझाते हैं लेकिन जब खुद बीमार होते हैं तो अपने उस अस्पताल और उसकी व्यवस्था पर भरोसा नहीं करते, जिसके वे मालिक या मुखिया होते हैं।
