
बीपीएससीएल पावर प्लांट के मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष झारखंड क्रांतिकारी मजदूर यूनियन के ठेका मजदूरों ने विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। यूनियन के महामंत्री डीसी गोहाई ने इस अवसर पर मजदूरों को संबोधित करते हुए कहा कि बीपीएससीएल में कार्यरत दो हजार ठेका मजदूर का मार्च 2024 से सितंबर 2024 तक 7 महीने का एडब्लूए के तहत महीना ₹1600 के हिसाब से 7 महीने का 11200 प्रति ठेका मजदूर का वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा है। ऊपर से इन गरीब ठेका मजदूरों द्वारा कड़ी मेहनत, खून- पसीने और विपरीत परिस्थितियों में दिन-रात एक कर कारखाना का कीर्तिमान उत्पादन किया गया ।

प्रंतु प्रबंधन द्वारा मजदूरों को प्रोत्साहन एवं उपहार देना तो दूर अपने मौज-मस्ती में लगे हुए हैं। प्रबंधन और अधिकारी मिलकर कारखाना के पावर प्लांट कैंटीन में मटन और पुलाव के साथ मस्ती कर रहे हैं। उस दिन मजदूरों के लिए कैंटीन बंद कर दिया गया।जबकि कारखाना का कैंटीन कारखाना अधिनियम के तहत मजदूरों के लिए बनाया जाता है न कि अधिकारियों के मौज मस्ती के लिए। इस तरह के भेदभाव से कारखाना में कार्यरत ठेका मजदूरों में रोस है। डीसी गोहाई ने कहा कि प्रबंधन का इस तरह का व्यवहार यूनियन कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। साथ ही दिये गये मांग पत्र पर यूनियन शीघ्र समाधान चाहता है। समाधान नहीं होने पर मजदूर हड़ताल के तहत कारखाना का चक्का जाम कर अपना हक और अधिकार लेने के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर राजन महतो, अशोक कुमार, असमुद्दीन अंसारी, विजय बेथा, प्राण केवट, नंद कुमार, आरएस पांडेय, बाबूलाल रजवार, गणेश कुमार, अर्जुन बाउरी, संजीव राय, अनिल महतो, बुधन हेम्ब्रम, हेमंत रविदास सहित सैकड़ो की संख्या में ठेका मजदूर शामिल थे।
